(1) गणित की सभी शाखाओं में प्राचीनतम कौन सी है।







(2) रेखागणित में प्रायोगिक स्‍तर पर प्रयुक्‍त होने वाली शिक्षण विधि है।






(3) एक अच्‍छी मूल्‍यांकन विधि वह है जिसमें देखा जाए-






(4) अनुप्रयोग सम्‍बन्धी प्राप्‍य उद्देश्‍य की प्राप्ति होती है, जब छात्र -






(5) शिक्षण प्रक्रिया का अंतिम सोपान है।






(6) पाठ योजना का भाग नहीं होते है।






(7) गणित के मानसिक सिद्धान्‍त के जन्‍मदाता है।






(8) खोज विधि का प्रतिपादन किसने किया था।






(9) निगमन विधि का उपयोग है।






(10) 'सामान्‍य से विशिष्‍ट की ओर' शिक्षण सूत्र पर आधारित विधि है-







(11) 'विशिष्‍ट से सामान्‍य' तथा 'स्‍थूल से सूक्ष्‍म' की ओर शिक्षण सूत्र पर आधारित विधि है।






(12) गणित शिक्षण के प्रेरणात्‍मक सिद्धान्‍त के सूत्र है।






(13) गणित शिक्षण के लिए पाठ योजना का निर्माण आवश्‍यक है।






(14) रेखागणित में कौन से आयाम को प्रमुख स्‍थान दिया जाता है।







(15) गणित विषय का सबसे अधिक सम्‍बन्‍ध होता है।






(16) वह उद्देश्‍य जो शिक्षक गणित पढ़ाने के बाद कक्षा में ही प्राप्‍त कर लेता है, उसे कहा जाता है।







(17) गणित शिक्षण में मूल्‍यांकन में ब्‍ल्‍यू प्रिन्‍ट है।






(18) किस विधि के अन्‍तर्गत यह निर्धारित किया जाता है कि पूरे अध्‍याय में कितने शीर्षकों के अन्‍तर्गत व कितने कालांशों व किन किन दिनों को पढ़ाना है।






(19) गणित के नियम व निष्‍कर्ष कैसे होते है।






(20) आगमन विधि का एक प्रमुख दोष है।